गाजीपुर एवं बलिया जनपद के परियोजना निदेशकों द्वारा लक्ष्य की प्राप्ति में रुचि न लेने तथा लापरवाही बरतने के कारण इनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी महोबा/बलिया तथा परियोजना निदेशक महोबा, सीतापुर, सुल्तानपुर से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
दरअसल प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवंटित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न जनपदों की समीक्षा बीती 25 सितम्बर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की गई थी। समीक्षा में यह पाया गया कि बस्ती, गाजीपुर, कन्नौज, सीतापुर, बलिया और सुल्तानपुर जनपद में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति असंतोषजनक तथा काफी कम है।
ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत सभी बेघर परिवारों, कच्चे तथा जीर्ण-शीर्ण मकानों में रह रहे परिवारों को वर्ष 2022 तक बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए मौजूदा सरकार वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 के लिए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष पात्र अभ्यर्थियों के चयन एवं पहली किस्त की धनराशि एक निश्चित समय में लाभार्थियों के खाते में भेजने के निर्देश 18 जुलाई तथा 29 अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी सीडीओ, परियोजना दिनेशकों तथा जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को दिए गए थे।”
सिंह ने स्पष्ट तौर से विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि गरीब परिवारों के कल्याण के लिए विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निष्ठा एवं लगन से कार्य करने वाले विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में विफल कर्मियों को दंडित भी किया जाएगा।
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