राजगढ़-मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सरकारी अनाज भंडारण व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) की ताजा निरीक्षण रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिले के 35 निजी गोदामों में संग्रहित 51,602.01 मीट्रिक टन सरकारी गेहूं में बड़े पैमाने पर घुन लग गया है। समर्थन मूल्य पर खरीदे गए इस गेहूं की अनुमानित कीमत 1354.55 करोड़ रुपये बताई गई है। यह अनाज सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीबों तक पहुंचाया जाना था लेकिन खराब रखरखाव के कारण इसका बड़ा हिस्सा प्रभावित हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति सिर्फ घुन लगने तक सीमित नहीं है। तीन गोदामों में रखा लगभग 8,790 मीट्रिक टन गेहूं इतनी बुरी तरह खराब हो चुका है कि वह बुरादे जैसी अवस्था में पहुंच गया है। इसकी कीमत करीब 23.7 करोड़ रुपये आंकी गई है। एफसीआई ने ऐसे स्टॉक को लदान के समय अलग रखने और विशेष श्रेणी में चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब आगामी रैक लोडिंग से पहले एफसीआई ने गोदामों में रखे गेहूं का निरीक्षण किया। जांच में कई स्थानों पर बोरियों के भीतर और बाहरी हिस्सों में कीट संक्रमण मिला। जबकि, कुछ जगहों पर गेहूं से आटे जैसा बुरादा निकलता पाया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय और राजगढ़ जिला प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई है।
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