ढाका, 24 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश के युद्ध अपराध न्यायाधिकरण-1 ने मंगलवार को मिलीशिया नेता और पूर्व सांसद अब्दुल जब्बार को जनसंहार और 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान हिंदुओं का जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोपों में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
बीडीन्यूज24 की रपट के मुताबिक, 82 वर्षीय जब्बार 1980 के दौर में सरकार की सहयोगी पार्टी जातीय पार्टी से सांसद थे। सजा जब्बार की अनुपस्थिति में सुनाई गई। माना जा रहा है कि वह अमेरिका में छिपा हुआ है।
अभियोग पक्ष के वकील ने कहा कि न्यायमूर्ति इनायतुर रहीम की अध्यक्षता वाले युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने पाकिस्तान के खिलाफ नौ माह तक चले युद्ध में जब्बार को अत्याचार के पांच मामलों में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अभियोजक ने कहा, “उसे सभी पांच आरोपों में दोषी पाया गया। उस पर जनसंहार, हत्या, आगजनी और धार्मिक उत्पीड़न के आरोप थे।”
उन्होंने कहा, “वह 36 लोगों की हत्या, 200 हिंदुओं का जबरन धर्म परिवर्तन करने के मामलों में शामिल थे।”
जब्बार, अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) द्वारा दोषी ठहराए गए 18वें व्यक्ति हैं। आईसीटी एक घरेलू अदालत है, जिसका गठन सरकार ने किया था।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि जब्बार माथबरिया के तटीय शहर में पाकिस्तान समर्थक मिलीशिया का प्रमुख था और संघर्ष के दौरान पाकिस्तान सेना का सहयोग कर रहा था।
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