मनीला, 24 मार्च (आईएएनएस)। भारत की विकास दर 2015-16 में एशिया में सर्वाधिक 7.8 फीसदी और 2016-17 में 8.2 फीसदी रहने का अनुमान है। यह बात मंगलवार को एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने कही।
बैंक की एशियाई विकास परिदृश्य (एडीओ) रपट के मुताबिक, इस दौरान चीन की विकास दर मौजूदा 7.4 फीसदी से घटकर 2015-16 में 7.2 फीसदी और 2016-17 में सात फीसदी रहेगी।
एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री शांग जिन वी ने कहा, “अगले कुछ सालों तक भारत की विकास दर चीन से अधिक रहने की उम्मीद है। सरकार का निवेशोन्मुख रवैया, वित्तीय और चालू खाता घाटा की स्थिति में सुधार और संरचनागत बाधा दूर करने की दिशा में उठाए गए कुछ कदमों से कारोबारी माहौल सुधरने में मदद मिली है और एक बार फिर से भारत घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है।”
‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए शांग ने कहा, “भारत सरकार का कार्यक्रम (चीन की तुलना में) अधिक आक्रामक है।”
उन्होंने कहा, “भारत पहले की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में है। वित्तीय अस्थिरता से निपटने के लिए सरकार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ाने की कोशिश कर रही है।”
रपट में कहा गया है कि चीन में निवेश की गति कम होने से आर्थिक विकास दर 2013 में 7.7 फीसदी से घटकर 2014 में 7.4 फीसदी दर्ज की गई।
रपट में आगे कहा गया है कि चीन की विकास दर थोड़ी गिरावट के साथ 2015-16 में 7.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जो करीब सात फीसदी के सरकारी लक्ष्य के अनुरूप है। 2016-17 में सात फीसदी रहने का अनुमान है। इसके बाद इसमें स्थिरता या दोबारा तेजी आ सकती है।
रपट में कहा गया है, “अनुमान से हाल के रुझान स्पष्ट होते हैं और इससे पता चलता है कि उच्च गुणवत्ता पूर्ण विकास व धीमी गति से जारी संरचनागत सुधार पर सरकार के जोर से अगले दो साल में विकास दर कम रह सकती है।”
dharmpath.com dharmpath