कोलकाता, 22 जुलाई (आईएएनएस)। मृणाल सेन, बुद्धदेब दासगुप्ता और सौमित्र चटर्जी जैसे भारतीय सिनेजगत के अनुभवी और वरिष्ठ कलाकारों ने भी भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के अध्यक्ष के रूप में अभिनेता गजेंद्र चौहान की नियुक्ति और संस्थान में अन्य नियुक्तियों का विरोध कर रहे छात्रों का समर्थन किया है।
चौहान को संस्थान का अध्यक्ष बनाए जाने के विरोध में एफटीआईआई के छात्र पिछले 41 दिनों से हड़ताल पर हैं।
दिग्गज फिल्मकार और एफटीआईआई के पूर्व अध्यक्ष मृणाल सेन ने कहा कि जिनकी नियुक्ति हुई है, उनका संस्थान के साथ खास जुड़ाव या रिश्ता नहीं है।
सेन (92) ने एक टेलीविजन चैनल को बताया, “मुझे बेहद बुरा लगा। उनकी कोई पृष्ठभूमि नहीं है। हमारा एफटीआईआई के साथ एक खास रिश्ता है। इन लोगों का संस्थान के साथ कोई खास जुड़ाव नहीं है। यदि आपका एफटीआईआई से खास लगाव नहीं है ‘ काम नहीं चलेगा।”
चौहान की नियुक्ति को लेकर संस्थान के छात्रों के विरोध और हड़ताल का आज 41वां दिन है। छात्र एफटीआईआई सोसायटी के पांच अन्य सदस्यों की नियुक्तियों का भी विरोध कर रहे हैं और संस्थान के कार्यो में पारदर्शिता लाए जाने की मांग कर रहे हैं।
अनुभवी फिल्म कलाकार सौमित्र चटर्जी ने कहा कि ये नियुक्तियां राजनीति से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ गजेंद्र चौहान की बात नहीं है। यह पांच सदस्यीय परिषद के बारे में भी है। उनका भारतीय सिनेमा में कोई मौलिक योगदान भी नहीं है, जिससे उनकी नियुक्तियों को समर्थन मिले।”
एफटीआईआई सोसायटी के विवादित पांच सदस्यों में अनघा घसास, सैलेश गुप्ता, नरेंद्र पाठक, प्रांजल सैकिया और राहुल सोलापुरकर शामिल हैं।
फिल्मकार बुद्धदेब दासगुप्ता ने कहा कि छात्रों को इन नियुक्तियों का विरोध करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, “एफटीआईआई और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान जैसे संस्थान राष्ट्र की साख हैं। एफटीआईआई के नए अध्यक्ष की योग्यता को लेकर हर किसी को संदेह है। छात्रों को इसका विरोध करने का अधिकार है और मैं उन्हें केवल समर्थन दे सकता हूं।”
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