परवाणू (हिमाचल प्रदेश), 12 सितम्बर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में परवाणू कस्बे के पास शनिवार को कालका-शिमला टॉय रेलगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में दो विदेशी पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।
घटनास्थल पर मौजूद एक अधिकारी ने आईएएनएस को फोन पर बताया कि मृतक महिलाएं हैं। घायलों को चंडीगढ़ से 30 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नई दिल्ली में उत्तर रेलवे के सीआरपीआरओ नीरज शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि रेलगाड़ी विदेशी पर्यटकों, खासतौर से ब्रिटिश पर्यटकों, के एक समूह के लिए बुक थी। उन्होंने कहा कि दोनों मृतकों की नागरिकता की पुष्टि होनी अभी बाकी है।
शर्मा ने बताया कि दुर्घटना के समय 37 यात्री रेलगाड़ी में सवार थे।
अधिकारी ने बताया कि रेलगाड़ी अपराह्न् 12 बजकर 40 मिनट पर तीन इंजनों के साथ हरियाणा के कालका स्टेशन से रवाना हुई थी। कालका से मात्र छह किलोमीटर दूर टकसल में यह पटरी से उतर गई।
विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल मार्ग 96 किलोमीटर लंबा है। सदी पुराने इस नैरो गेज रेल मार्ग पर यातायात फिलहाल बंद कर दिया गया है।
शर्मा ने आईएएनएस से कहा, “घटना के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। पटरी या रेल डिब्बे में कोई समस्या हो सकती है। यह भी संभावना है कि पटरी पर अचानक कोई पशु या चट्टान गिरने के कारण रेल पटरी से उतर गई हो।”
इस रेल मार्ग का निर्माण उस समय ब्रिटिश भारत की गर्मी के मौसम की राजधानी शिमला तक बनाई गई थी। इस सदी पुराने रेल मार्ग को यूनेस्को ने विश्व धरोहर के रूप में चुना है।
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