लखनऊ , 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी को शनिवार को रायबरेली से फतेहपुर के मडवां गांव जाने से पहले ही रोक दिया। प्रशासन ने शांति भंग होने का हवाला देते हुए उन्हें फतेहपुर की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया।
फतेहपुर जिले की सीमा पर रोके गए प्रदेश अध्यक्ष वाजपेयी ने कहा कि फतेहपुर के मडवां गांव की घटना निंदनीय है। इसमें पुलिस और खुफिया विभाग असफल रहा है। यहां पर थानाध्यक्ष ने दुर्गा प्रतिमा के परम्परागत मार्ग को रोका और उच्च अधिकारियों को संज्ञान में नही लिया गया।
वाजपेयी ने कहा कि किसी भी घटना को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। प्रदेश में हो रही घटनाएं प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन की असफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “जितनी पुलिस मुझे फतेहपुर जाने से रोकने में लगाई गई है, उसकी आधी भी मडवां गांव में लगा दी गई होती तो वहां दो वर्गो के बीच जातीय संघर्ष नहीं हुआ होता।”
वाजपेयी ने घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाने वाली सहायता राशि पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वर्ग विशेष को राहत दी जा रही है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि यदि घटनाएं होती हैं तो इसके सीधे जिम्मेदार जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक होंगे, लेकिन ऐसा कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि फतेहपुर जिले के सुल्तानपुर घोष थाने के मडवां गांव में दशहरा के दिन उस समय दो वर्गो के बीच संघर्ष हो गया, जब दुर्गा प्रतिमाएं गंगा में विसर्जित करने के लिए ले जाई जा रही थी। इस घटना के बाद ही मडवां और आसपास के गावों में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
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