पैराग्लाइडिंग : आधिकारिक अभ्यास सत्र में ग्लाइडरों ने की आजमाइश (लीड-1)

बिलिंग (हिमाचल प्रदेश), 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित पर्यटन स्थलों बीर, बिलिंग में जारी पैराग्लाइडिंग विश्व कप-2015 के पहले दिन शनिवार को 30 से अधिक देशों आए लगभग 129 पैराग्लाइडरों ने आधिकारिक अभ्यास सत्र के दौरान आजमाइश की।

बिलिंग (हिमाचल प्रदेश), 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित पर्यटन स्थलों बीर, बिलिंग में जारी पैराग्लाइडिंग विश्व कप-2015 के पहले दिन शनिवार को 30 से अधिक देशों आए लगभग 129 पैराग्लाइडरों ने आधिकारिक अभ्यास सत्र के दौरान आजमाइश की।

इस अभ्यास सत्र में बड़ी संख्या में ग्लाइडरों ने उड़ान भरी और मुख्य स्पर्धा के लिए अपने-अपने उपकरणों की जांच की।

कांगड़ा जिले में स्थित बीर, बिलिंग में आयोजित हो रहे पैराग्लाइडिंग विश्व कप का आधिकारिक आगाज शनिवार को ही होना था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण आयोजकों ने पहले दिन की प्रतिस्पर्धा को रद्द करते हुए आधिकारिक तौर पर अभ्यास सत्र की घोषणा की।

अभ्यास सत्र की घोषणा से पहले केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू और बिलिंग पैराग्लाइडिंग संघ के प्रमुख तथा हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने टूर्नामेंट के मुख्य प्रायोजक भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण के चेयरमेन आर.के श्रीवास्तव के साथ मिलकर बिलिंग में टूर्नामेंट का आगाज किया।

इस अवसर पर राजू ने कहा, “बिलिंग की प्राकृतिक सुंदरता इसे पैराग्लाइडिंग के लिए शानदार आयोजन स्थल बनाती है। मुझे उम्मीद है कि बीर और बिलिंग के माध्यम से हम हिमाचल में पर्यटन का भी विकास करने में सफल होंगे।”

देश में पहली बार जीपीएस युक्त जीईओ तकनीक का उपयोग हो रहा है। इसे गगन नाम दिया गया है। क्षे इसरो और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने साथ मिलकर तैयार किया है। इसके माध्यम से पायलटों की लाइव टेकिंग हो पाती है। एएआई इसके लिए पायलटों को गगन सिग्नल प्रदान कर रहा है।

बिलिंग का उपयोग पैराग्लाइडर लांचिंग पैड के लिए करते हैं और लैंडिंग बीर में करते हैं। बीर और बिलिंग के बीच की दूरी 14 किलोमीटर है। बिलिंग में कई लांचिंग पैड हैं। बीर, बिलिंग को विश्व के दूसरे सर्वोत्तम पैराग्लाइडिंग स्थल के रूप में जाना जाता है।

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