हैदराबाद, 8 नवंबर (आईएएनएस)। मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव का जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी तौर पर हार है।
ओवैसी की पार्टी भी विधानसभा चुनाव में उतरी थी। इसने राज्य विधानसभा की 243 में से छह सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।
उन्होंने कहा, “यह मोदी की निजी हार है, क्योंकि इससे पहले किसी भी चुनाव में किसी प्रधानमंत्री ने प्रचार अभियान में इस तरह हिस्सा नहीं लिया था।”
हैदराबाद के सांसद ने दारुस्सलाम में एमआईएम के मुख्यालय में संवाददाताओं को बताया, “भारत के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि एक प्रधानमंत्री चुनाव अभियान में इतना सक्रिय रहा और 35 से भी अधिक जनसभाओं को संबोधित किया।”
ओवैसी ने नीतीश और महागठबंधन के अन्य साझेदारों को बधाई देते हुए कहा कि बिहार के लोगों ने सांप्रदायिकता और फासीवाद के खिलाफ निर्णायक जनादेश दिया है।
उन्होंने कहा, “बिहार का माहौल मोदी की हार चाहता था और मुस्लिम तथा अन्य समुदायों ने मोदी को हराने का फैसला लिया था।”
ओवैसी ने आशा जताई कि नीतीश और महागठबंधन लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी और बिहार के विकास और विशेष तौर पर सीमांचल क्षेत्र की पिछड़ी जाति के विकास के लिए काम करेगी।
एमआईएम प्रमुख ने कहा कि वह सीमांचल क्षेत्र के विकास के लिए लड़ते रहेंगे और लोगों को न्याय दिलाएंगे।
इस तथ्य को स्वीकार करते हुए कि एमआईएम लोगों का विश्वास नहीं जीत पाई, ओवैसी ने कहा कि उनके कठिन परिश्रम के बावजूद समय उनके हित में नहीं था।
ओवैसी ने कहा, “कई लोगों ने मुझे कहा कि हमें पहले शुरुआत करनी चाहिए थी। अन्य लोग चाहते हैं कि हम सीमांचल की लंबी लड़ाई के लिए अपना कार्य जारी रखें।”
सांसद ने कहा कि बिहार चुनाव में एमआईएम के लिए सबसे बड़ी बात यह है कि उसने अपनी शुरुआत कर दी है और खुद को लोगों के सामने पेश कर दिया है।
ओवैसी अगले विधानसभा चुनाव में एमआईएम के बेहतर प्रदर्शन के प्रति आश्वस्त हैं।
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