शिमला, 28 नवंबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारी अगले महीने लोकसभा में पेश होने वाले विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2014 के विरोध में राज्यव्यापी प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि यह विधेयक कर्मचारियों के हित में नहीं है, बल्कि इसका मसौदा निजी कंपनियों को फायदा देने के लिए तैयार किया गया है।
इस विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया जाना है।
हिमाचल राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रवक्ता ने आईएएनएस से कहा, “प्रस्तावित विधेयक कर्मचारी विरोधी है। हमने आठ दिसंबर को राज्यभर में इस प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।”
उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य निजी बिजली कंपनियों को लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने कहा, “इस विधेयक के पारित हो जाने से निजी कंपनियों को बिजली उद्योग के विकास एवं विस्तार के लिए बिना किसी निवेश के पैसे कमाने का अवसर मिलेगा। इसके पारित हो जाने के बाद उपभोक्ताओं को भी बिजली बिल के रूप में अधिक भुगतान करना पड़ेगा।”
हिमाचल का बिजली बोर्ड राज्य का सबसे बड़ा उपक्रम है, जिसमें 25,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। यह घाटे में चल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च, 2014 तक इसे कुल 1,813.23 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।
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