कोलकाता, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की जनसभा का मखौल उड़ाया। पार्टी ने कहा कि इस जन सभा में जन (जनता) ही नहीं थे।
कोलकाता, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की जनसभा का मखौल उड़ाया। पार्टी ने कहा कि इस जन सभा में जन (जनता) ही नहीं थे।
तृणमूल के महासचिव पार्था चटर्जी ने माकपा की ब्रिगेड परेड ग्राउंड की रैली पर कहा, “उनकी जनसभा में जनता नहीं थी। यह एक ऐसे मजाक में बदल गई कि सभी वक्ताओं को जल्दी में मंच छोड़ना पड़ा। किसी एक भी वक्ता ने ऐसी कोई बात नहीं कही जिससे लोग इनके (वाम मोर्चे के) 34 साल के खराब शासनकाल को भूल कर बदलाव के बारे में सोच सकें। “
माकपा ने तृणमूल हटाओ-बंगाल बचाओ का नारा दिया है। इस पर चटर्जी ने कहा, “इससे अधिक हास्यास्पद और क्या हो सकता है कि लोकतंत्र को खत्म करने के लिए सभी साधनों का इस्तेमाल करने वाले आज इसी की बात कर रहे हैं। वे (माकपा) सत्ता में लौटने की बात कर रहे हैं। उनका लौटना लोकतंत्र के खिलाफ होगा। उनके लौटने का अर्थ कंकालों का जुलूस निकालना, हरमदों (माकपा के सशस्त्र कार्यकर्ता) को छुट्टा छोड़ना होगा। “
उन्होंने माकपा के इस दावे का भी मखौल उड़ाया कि तृणमूल कांग्रेस के अधिग्रहण विरोधी आंदोलन की वजह से टाटा मोटर्स को अपनी कार बनाने की इकाई को पश्चिम बंगाल के सिंगूर से हटाकर गुजरात ले जाना पड़ा था।
चटर्जी ने कहा, “34 साल के राज में उन्होंने यह सब क्यों नहीं किया। उद्योग लगाने के उनके दावों को अब कौन सुनने वाला है। ये बातें चर्चा में बने रहने के लिए कही जा रही हैं।”
dharmpath.com dharmpath