नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल को शोधकर्ताओं को प्रतिस्पर्धी अनुसंधान अनुदान मुहैया कराने वाले भारत व रूस के बीच एक समझौते से बुधवार को अवगत कराया गया।
यह समझौता दोनों देशों के शोधकर्ताओं को मूल और खोजी विज्ञान के क्षेत्रों में अनुसंधान परियोजनाओं के संयुक्त क्रियान्वयन के लिए प्रतिस्पर्धी अनुसंधान अनुदान उपलब्ध कराता है।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मई 2015 में हुए इस समझौते की अवधि छह साल के लिए वैध है और इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी (डीएसटी) विभाग और रूसी विज्ञान फेडरेशन (आरएसएफ) के बीच आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।
बयान के मुताबिक, “यह प्रतिस्पर्धा गणित, कंप्यूटर एवं प्रणाली विज्ञान, भौतिकी एवं अंतरिक्ष विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं वस्तु शास्त्र, जीव एवं जीवन विज्ञान, दवा, कृषि विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान और इंजीनियरिंग विज्ञान के लिए बुनियादी अनुसंधान के क्षेत्रों में आयोजित की जाएगी।”
मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
वित्त पोषण के लिए अनुसंधान परियोजनाओं की पहचान करने का निर्णय डीएसटी और आरएसएफ द्वारा संयुक्त रूप से लिया जाएगा।
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