नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शुक्रवार को आरोप लगाया कि उन्होंने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए भाई-भतीजावाद, हित संघर्ष और जनता की जमीन का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए करने की अनुमति दी।
नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शुक्रवार को आरोप लगाया कि उन्होंने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए भाई-भतीजावाद, हित संघर्ष और जनता की जमीन का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए करने की अनुमति दी।
कांग्रेस ने गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल से इस्तीफे की मांग की और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में पूरे मामले की एक समयबद्ध जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने यहां मीडिया से कहा, “चकित करने वाले सार्वजनिक खुलासे से यह साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए भाई-भतीजावाद और हितसंघर्ष को अनुमति दी, और तत्कालीन राजस्व मंत्री व गुजरात की मौजूदा मुख्यमंत्री के रिश्तेदार से घनिष्ठ रूप से जुड़ी इकाइयों के व्यापारिक हित में जनता की जमीन हथिया ली।”
शर्मा ने कहा, “गिरि सिंह अभयारण्य के बगल में स्थित 250 एकड़ भूमि का बगैर किसी मूल्यांकन के कौड़ियों में आवंटन पर्यावरण संवेदी क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि के आवंटन के सभी ज्ञात प्रक्रियाओं व नियमों का सरासर उल्लंघन है। इसके साथ ही गैर कृषकों को कृषि भूमि खरीदने और लाभ कमाने व व्यावसायिक दोहन के लिए कृषि भूमि के उपयोग को बदलने की अनुमति दी गई।”
शर्मा ने कहा, “देश में भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त न करने और हर तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के प्रधानमंत्री के आश्वासन के आलोक में यह आवश्यक हो जाता है कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय की गरिमा बरकरार रखने के लिए इस मामले पर स्पष्टीकरण दें।”
शर्मा ने मोदी से एक सवाल पूछते हुए कहा, “क्या गिरि सिंह अभयारण्य के पास 250 एकड़ सार्वजनिक भूमि का आवंटन सार्वजनिक हित में था और सरकारी संपत्ति हस्तांतरण के लिए स्थापित प्रक्रिया, कानून व नियम के अनुरूप था?”
शर्मा ने सवाल किया, “क्या इस सरकारी भूमि का उचित मूल्यांकन या मूल्य निर्धारण किया गया था?”
उन्होंने पूछा कि रिसॉर्ट स्थापित करने का बिल्कुल ज्ञान न रखने वाली किसी कंपनी को जमीन आवंटित करने के लिए क्या मापदंड अपनाए गए?
शर्मा ने कहा, “क्या सरकारी खजाने को हुए नुकसान से नरेंद्र मोदी वाकिफ थे?”
कांग्रेस नेता ने कहा, “क्या मोदी इस भूमि के आवंटन में तत्कालीन राजस्व मंत्री आनंदीबेन पटेल के हित संघर्ष से वाकिफ थे? क्या यह आवंटन मंत्रिमंडल के निर्णय के आधार पर हुआ था और तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इसे मंजूरी दी थी और यदि इसमें कोई हित संघर्ष था तो क्या उसका खुलासा किया गया?”
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले की जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एक समयबद्ध जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित करने की मांग करती है। उन्होंने कहा, “मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गुजरात की मुख्यमंत्री को हर हाल में इस्तीफा दे देना चाहिए।”
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