बेंगलुरू, 17 फरवरी (आईएएनएस)। मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटनेशनल की भारतीय इकाई ने बुधवार को दिल्ली पुलिस से गिरफ्तार किए गए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक एस. ए. आर. गिलानी को जल्द से जल्द रिहा करने और उन पर लगाए गए राष्ट्रद्रोह के आरोपों को खारिज करने का अनुरोध किया है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि पुलिस को पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में वकीलों द्वारा पत्रकारों पर किए गए हमले की जांच भी करना चाहिए।
वक्तव्य में कहा गया है, “औपनिवेशिक काल के कानून के तहत एक विद्यार्थी की गिरफ्तारी से लेकर न्यायालय परिसर में हमले पर रोकथाम लगाने में नाकामी तक दिल्ली पुलिस ने हाल के दिनों में सांविधानिक अधिकारों के प्रति असम्मान का रवैया दिखाया है।”
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आगे कहा है, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की खुले तौर पर अवहेलना गुमराह करने वाला और खतरनाक है।”
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर में एक समारोह के दौरान राष्ट्र-विरोधी नारे लगाने के आरोप में कन्हैया कुमार को 12 फरवरी को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद पुलिस ने एक समारोह का आयोजन करने, जहां राष्ट्र-विरोधी नारे लगाए गए, के आरोप में 16 फरवरी को गिलानी को भी गिरफ्तार किर लिया।
दोनों पर राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली की एक अदालत ने गिलानी को 19 फरवरी तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि कन्हैया कुमार को दो मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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