रायपुर, 25 फरवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता राजेश बिस्सा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने रेल बजट के नाम पर मात्र रेल विभाग के पूर्व नियोजित कार्यो की विवरणिका पेश कर दी है।
उन्होंने कहा कि पूरे वर्षभर रेल सुविधाओं में कटौती व वर्ष में आठ बार टिकट दरों में वृद्धि की मार झेल चुकी जनता को बड़ी आशा थी कि रेल बजट में मोदी सरकार का कोई नया ²ष्टिकोण दिखेगा, लेकिन इस बजट ने जनता की आशाओं पर पानी फेर दिया है।
बिस्सा ने कहा कि बजट में न रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोई पहल दिखाई दी और न ही बहुप्रतीक्षित रेल योजनाओं के क्रियान्वयन को तेजी से पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इस रेल बजट में छत्तीसगढ़ बुरी तरह छला गया है। जिस प्रदेश के 11 में से 10 सांसद भाजपा के हैं, वहां के सांसदों की अनुशंसाओं को ताक पर रख दिया गया है। छत्तीसगढ़ से एक मात्र केंद्रीय मंत्री जो विगत वर्ष से बार-बार अपनी एक ही मांग रखते आ रहे हैं, प्रभु ने उसे भी नजरअंदाज कर दिया।
बिस्सा ने कहा कि जिस तरह का रेल बजट आया है, उससे छत्तीसगढ़ की प्रगति का मार्ग ही अवरुद्ध हुआ है। छत्तीसगढ़ के शहरों को रेलमार्ग से जोड़ने संबंधी मांगों के संदर्भ में ही सरकार कुछ सोच लेती तो यहां की जनता आंशिक राहत महसूस करती।
बिस्सा ने कहा कि रेलमंत्री छत्तीसगढ़ की धमनियों को आपस में जोड़ने की दिशा में कदम उठाते हुए निर्णय लेकर डोंगरगढ़ से रायगढ़ के बीच हर घंटे लोकल ट्रेन, डोंगरगढ़ से रायगढ़ और कोरबा तक इंटरसिटी या फास्ट लोकल, राजनांदगांव से कोरबा तक फास्ट लोकल ट्रेन, कॉलेज छात्रों के लिए राजनांदगांव से बिलासपुर तक स्पेशल ट्रेन, रायपुर-धमतरी और कोंडागांव के लिए ट्रेन चलाए जाने का निर्णय लेती, नर्मदा एक्सप्रेस का राजनांदगांव तक विस्तार करती साथ ही महासमुंद से तुमगांव, पटेवा, झलप, पिथौरा, बसना और सरायपाली होते हुए ओड़िशा राज्य के बरगढ़ और संबलपुर तक रेल लाइन बिछाई जाने का प्रावधान करती तो छग के विकास व व्यवस्थित विस्तार को एक अलग दिशा मिलती।
बिस्सा ने कहा कि पूरे देश के साथ विशेष रूप से यह छत्तीसगढ़ के लिए बेहद निराशाजनक बजट है।
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