नई दिल्ली, 29 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त वर्ष 2017-18 से योजना और गैर-योजना का वर्गीकरण समाप्त हो जाएगा।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार लोकसभा में 2016-17 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि कई समितियां काफी समय से योजना और गैर-योजना के रूप में सरकारी खर्च का वर्गीकरण के औचित्य पर सवाल उठा रही थीं।
योजना खर्च को पिछले कई वर्षों से अच्छा जबकि गैर-योजना खर्च को खराब माना जाता रहा है। ऐसे में बजट आवंटन सटीक ढंग से नहीं हो पाता। इस प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है, ताकि सरकारी खर्च के राजस्व और पूंजीगत वर्गीकरण पर अधिक ध्यान दिया जा सके।
जेटली ने बजट पेश करने के दौरान कहा कि केंद्र एवं राज्यों के बजट में तालमेल के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय राज्यों के वित्त विभागों के साथ मिलकर कदम उठाएगा।
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