आम बजट : काला धन उजागर करने के लिए क्षमा योजना (लीड-1)

नई दिल्ली, 29 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को काला धन रखने वालों के लिए एक नई क्षमा योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत कुल काला धन का 45 प्रतिशत भुगतान कर इसे रखने वाले लोग लोग पाक-साफ हो सकते हैं, किसी भी कार्रवाई से बच सकते हैं।

लोकसभा में 2016-17 का आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि नई क्षमा योजना घरेलू काले धन से जुड़ी है।

जेटली ने कहा कि सरकार ने एक अनुपालन खिड़की की व्यवस्था की है जहां घरेलू करदाता पूर्व में कर नियमों का उल्लंघन कर जमा किए गए अपने काले धन की घोषणा कर सकते हैं और कुल धन का 45 प्रतिशत भुगतान (30 प्रतिशत कर, 7.5 प्रतिशत अधिभार और 7.5 प्रतिशत जुर्माना) कर पाक-साफ हो सकते हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि पहली जून से लेकर 30 सितंबर 2016 के बीच काला धन रखने वाला इस बात का ऐलान कर सकता है कि दो महीने के अंदर निश्चित धनराशि (45 फीसदी) चुका दी जाएगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री की इस पहल पर नांगिया एंड कंपनी के साझेदार सूरज नांगिया ने आईएएनएस से कहा, “इस योजना के जरिए सरकार ने घरेलू काला धन पर दोतरफा हमला किया है। एक ओर जहां इससे काले धन पर रोक लगेगी तो दूसरी तरफ कर न चुकाने वालों से कहा है कि वे अज्ञात स्रोत से जमा धन और अर्जित संपत्ति की घोषणा कर पाक साफ हो सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि सरकार नकद लेन-देन को निरुत्साहित कर, पैन नम्बर को बैंक खाता खोलने से लेकर बड़ी खरीदारी तक अनिवार्य बनाने जैसे उपाय कर घरेलू काले धन के खतरे से निपट रही है। नई क्षमा योजना घरेलू काला धन के खतरे को निर्मूल करने की दिशा में एक और रचनात्मक कदम है।

जेटली ने कहा कि इस योजना के तहत आय की जो घोषणा की जाएगी उसके संदर्भ में आय कर अधिनियम या संपत्ति कर अधिनियम के तहत कोई जांच या पूछताछ नहीं होगी। साथ ही घोषणा करने वालों के खिलाफ भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। इतना ही नहीं बेनामी लेन-देन अधिनियम 1988 से भी बचाव का प्रस्ताव इस योजना के तहत किया गया है।

इस योजना के तहत काला धन की घोषणा करने वालों से 7.5 प्रतिशत अधिभार लिया जाएगा। इसे कृषि कल्याण अधिभार कहा जाएगा। इससे प्राप्त राशि का उपयोग कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए किया जाएगा।

गत अक्टूबर में कालाधन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) आय कर का अधिरोपण, 2015 अधिनियम के तहत 638 विदेशी अघोषित संपत्ति की घोषणाएं हुईं जो 3770 करोड़ मूल्य की थीं। यह कानून विदेशों में छिपा कर रखे गए काले धन और संपत्ति से निपटने के लिए बनाया गया था। पिछले साल भी अनुपालन खिड़की एक जुलाई से 30 सितम्बर, 2015 तक खोली गई थी।

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