नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि 14वें वित्त आयोग द्वारा केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा बढ़ाए जाने के बाद राज्यों को आम बजट की दिशा के अनुरूप सामाजिक क्षेत्र और ग्रामीण अवसंरचना पर खर्च बढ़ानी चाहिए।
जेटली ने यहां राज्यों के वित्त सचिवों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “यह स्पष्ट है कि अब राज्यों को जो मिल रहा है, वह 13वें वित्त आयोग के मुकाबले अधिक है।”
उन्होंने कहा, “खर्च करने और कहां तथा किस तरह खर्च करना है यह तय करने की जिम्मेदारी अब वस्तुत: राज्यों की है।”
उन्होंने कहा, “पूरे देश में अब सामाजिक क्षेत्र और ग्रामीण अवसंरचना पर खर्च बढ़ाने पर ध्यान है। इसलिए राज्यों को इस पर ध्यान देना चाहिए।”
14वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा 10 फीसदी बढ़ाकर 42 फीसदी कर दिया है।
मंत्री ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि वे वित्तीय अनुशासन का पालन करें, ताकि देश की वैश्विक विश्वसनीयता बढ़े।
जेटली ने कहा, “जिस तरह से हम केंद्र और राज्यों में खर्च करते हैं उससे देश का समग्र विकास तय होता है। हमें वित्तीय अनुशासन का पालन करना होगा, जिससे देश की वैश्विक विश्वसनीयता बढ़े।”
वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने अपने संबोधन में केंद्रीय योजनाओं और कार्यक्रमों के सफल कार्यान्वयन के लिए राज्यों की साझेदारी में काम करने पर जोर दिया।
सिन्हा ने कहा, “बजट और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) को अपने देश के हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए हमें राज्यों के सहयोग की जरूरत है।”
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