इंदौर, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के महू में गुरुवार को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली से ‘ग्रामोदय से भारत उदय’ अभियान की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस का नाम लिए बिना बड़ा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग ‘पंचतीर्थ’ (डॉ. अंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच स्थान) को लेकर परेशान हो रहे हैं। उन्हें परेशान नहीं होना चाहिए, बल्कि पश्चाताप करना चाहिए कि हम (कांग्रेस) ऐसा क्यों नहीं कर पाए।
प्रधानमंत्री मोदी ने अंबेडकर स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद सैनिक मैदान में आयोजित सभा में कहा कि बहुत कम लोगों को अंबेडकर साहब को पूरी तरह समझने का मौका मिला है, ज्यादातर लोगों को लगता है कि डॉ. अंबेडकर दलितों के देवता हैं, मगर बहुत कम लोग जानते हैं कि डॉ. अंबेडकर दिव्यद्रष्टा थे। उनके पास भारत कैसा बने, इसकी दृष्टि थी।
पंचतीर्थ का जिक्र करते हुए मोदी कहा, “कुछ लोग इसलिए परेशान हैं कि मोदी ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह हमारी श्रद्धा का विषय है, हम मानते हैं कि बाबा साहब ने सामाजिक एकता के लिए उच्च मूल्यों का प्रस्थापन किया।”
उन्होंने कहा, “सामाजिक एकता, सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता के लिए बाबा साहब ने जो रास्ता दिखाया है, उसी पर चलकर इन सबों को प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए हम उनके चरणों में बैठकर काम करने में गर्व अनुभव करते हैं।”
मोदी ने कहा, “देश की आजादी के बाद सरकारें बहुत आईं, डॉ. अंबेडकर के निधन के साठ साल बाद उनका स्मारक बनाने का सौभाग्य हमें मिला, उन्हें स्मारक बनाने से किसी ने रोका था क्या? आज हम कर रहे हैं तो आपको परेशानी हो रही है, आपको तो पश्चताप होना चाहिए कि हमने किया क्यों नहीं, परेशान होने की जरूरत नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. अंबेडकर एक व्यक्ति नहीं, बल्कि संकल्प का दूसरा नाम थे। बाबा साहब जीवन जीते नहीं थे, वे जीवन को संघर्ष में जोड़ और जोत देते थे।
मोदी ने बाबा साहब को मान-सम्मान के लिए नहीं, बल्कि समाज की बुराइयों के खिलाफ जंग छेड़ने वाला नायक बताया। उन्होंने कहा कि समाज के आखिरी छोर पर बैठे दलित, शोषित को बराबरी का हक और सम्मान दिलाने के लिए उन्हें अपमानित भी होना पड़ा, मगर वे अपने मार्ग से कभी विचलित नहीं हुए।
डॉ. अंबेडकर की शिक्षा और योग्यता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस महापुरुष के पास इतनी बड़ी ज्ञान संपदा हो, विश्व की गणमान्य विश्वविद्यालय की डिग्री हो, उस कालखंड में अपने जीवन में लेने-पाने के अवसर भरे पड़े थे, मगर उन्होंने गरीबों, शोषितों के हक के लिए सारे अवसरों को छोड़कर अपने को इस देश की मिट्टी में खपा दिया।
प्रधानमंत्री मोदी मुंबई से वायुसेना के विशेष विमान से इंदौर पहुंचे। इंदौर हवाईअड्डे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्य अधिकारियों के साथ उनकी अगवानी की। उसके बाद मोदी हेलीकॉप्टर से महू पहुंचे।
प्रधानमंत्री ने अंबेडकर स्मारक स्थल पर पहुंचकर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प की माला अर्पित की। इसके बाद वह उस कमरे में भी गए, जहां एक पालना रखा हुआ है। परंपरा निभाते हुए प्रधानमंत्री ने इस पालना को हिलाया। इसके अलावा डॉ. अंबेडकर के जीवन पर आधारित चित्रों को भी उन्होंने देखा।
डॉ. अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर उनकी जन्मस्थली महू में बने स्मारक पर गुरुवार की सुबह से ही बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, यहां पहुंचे लोगों ने डॉ. अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया।
आयोजन को सफल बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। महू के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
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