भोपाल, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। उज्जैन में होने जा रहे सिंहस्थ कुंभ के मद्देनजर नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना से क्षिप्रा में किए जा रहे जल-प्रवाह के चलते पनप रही आशंकाओं के बीच नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण ने दावा किया है कि जल प्रवाह पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित है।
परियोजना के प्रभारी मुख्य अभियन्ता एम़ एस़ अजनारे ने कहा, “क्षिप्रा उद्गम से लेकर उज्जैन तक नर्मदा नदी से जरूरत को ध्यान में रखकर पम्प के जरिए जल प्रवाहित किया जा रहा है। जल-प्रवाह के लिए सुविचारित प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इसके अनुसार जल-प्रवाह के पूर्व इन्दौर और उज्जैन जिला प्रशासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा नगर निगम देवास के अधिकारियों को अग्रिम सूचना दी जाती है।”
उन्होंने बताया, “सभी संबंधित अधिकारियों का नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण ने एस़ एम़ एस़ ग्रुप बनाया है। इसके अतिरिक्त सिंहस्थ पर्व के लिए विशेष रूप से 57 अधिकारियों का एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। यह ग्रुप जल-प्रवाह के संबंध में निरंतर सूचनाओं का आदान-प्रदान करता है। इन्दौर स्थित नर्मदा घाटी पुनर्वास आयुक्त द्वारा भी अलग से जल-प्रवाह के पूर्व देवास तथा इन्दौर जिले के जिलाधिकारियों तथा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी देवास, उज्जैन और सांवेर को अग्रिम सूचना दी जाती है।”
ज्ञात हो कि नर्मदा का जल पाइप के जरिए लाकर डाले जाने के बाद क्षिप्रा नदी के जल प्रवाह और जलस्तर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी के चलते परियोजना के अफसरों को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ रही है। क्षिप्रा छोटी नदी है और वह लगभग 120 किलोमीटर के क्षेत्र में ही बहती है। इसी माह होने वाले सिंहस्थ कुंभ को ध्यान में रखकर नर्मदा नदी के पानी को पाइप के जरिए लाकर क्षिप्रा में डाला जा रहा हैं, क्योंकि क्षिप्रा का प्रवाह थमा हुआ था। पानी की आवक ज्यादा होने की स्थिति को लेकर शंकाएं जताई जा रही हैं।
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