भारतीय निवेशकों पर गैबोन की नजर

नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। राजनीतिक रूप से समस्याग्रस्त मध्य अफ्रीकी इलाके में गैबोन शांति और स्थिरता का नखलिस्तान रहा है। अब यह देश भारतीय निवेशकों को आकर्षित करना चाहता है और द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध मजबूत करना चाहता है।

अफ्रीका में निवेश के लिए इच्छुक कंपनियों के लिए शनिवार की शाम को यहां एक रोड शो का आयोजन किया गया। इस अवसर गैबोन के पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधन राज्य मंत्री क्रेपिन मैगलियोर ग्वोडॉग ने आईएएनएस से विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के सरकारी अभियान के बारे में बताया।

ग्वोडॉग ने कहा, “गैबोन में कभी ऐसी कलह और गड़बड़ी नहीं रही जो उस इलाके को प्रभावित करती रही है। यानी, गैबोन राजनीतिक और आर्थिक रूप से लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और स्थिर देश है।”

ग्वोडॉग ने कहा, “हमारे पास कुशल श्रमशक्ति, एक अच्छी बैंकिंग व्यवस्था और 5 प्रतिशत आर्थिक विकास दर है।”

उन्होंने कहा कि उनका देश मध्य अफ्रीका के आर्थिक और मौद्रिक समुदाय का सदस्य है जिसके कैमरून, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, चाड, कांगो गणराज्य और भूमध्यवर्ती गिनी सदस्य हैं।

ग्वोडॉग ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका देश स्थानीय प्रसंस्करण और कृषि उत्पादों व खनिज उत्पादों के मूल्यवर्धन के लिए निवेश आकर्षित करना चाहता है।

ग्वोडॉग ने कहा, “हमने व्यापार प्रक्रिया को इतना सरल बना दिया है कि गैबोन में व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थापित करने में केवल 48 घंटे लगते हैं।”

रोड शो के दौरान उन्हेंने कहा कि गैबोन के विशेष आर्थिक क्षेत्रों में कर से दस वर्ष की छूट और मूल्य वर्धित कर (वैट) से मुक्ति दी गई है।

गैबोन के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार अभी एक अरब डॉलर से भी कम है। भारत की सरकारी कंपनियां ऑयल इंडिया और इंडियन ऑयल कॉरपोरशन लिमिटेड वहां तेल की खोज में लगी हुई हैं।

गैबोन में अन्य भारतीय कंपनियों में दूरसंचार कंपनी एयरटेल ने वहां जैन मोबाइल नेटवर्क का अधिग्रहण कर लिया है जबकि टाटा केमिकल्स की यूरिया खाद परियोजना है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493