भोपाल, 24 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में पदस्थ रहे पूर्व सहायक आपूर्ति अधिकारी कालूराम जैन ने राजस्व मंत्री रामपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि मंत्री के चहेते राशन दुकानों के कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने पर साजिश रचकर पहले उन्हें रिश्वत लेने के आरोप में फंसाया गया और बाद में सेवा से बर्खास्त करा दिया गया है।
जैन ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि वह रायसेन जिले में पदस्थ थे, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी थी कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों का नियमानुसार आवंटन किया जाए और उनको प्राधिकार पत्र जारी किए जाएं। इसके मुताबिक उन्होंने बरेली क्षेत्र की दुकानों की जांच की।
जैन का आरोप है कि यह राशन दुकानें सहकारी संस्थाओं द्वारा संचालित की जानी चाहिए थी, मगर उसे अवैध लोग चला रहे थे। बरेली क्षेत्र में 131 दुकानें अनाधिकृत लोगों द्वारा चलाए जाने के मामले सामने आए।
उन्होंने 21 दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की। 32 दुकानों को कालाबाजारी करने पर निरस्त किया गया। इससे तिलमिलाए मंत्री के चहेतों ने उनके खिलाफ ही साजिश रच दी।
जैन का आरोप है कि उन्हें साजिश रचकर रिश्वत लेने के मामले में 28 मार्च, 2012 को फंसाया गया।
जैन के मुताबिक, एक आरक्षक द्वारा उनका जांच प्रतिवेदन बनाया गया है, इस प्रतिवेदन की जांच का जिम्मा सात आईएएस और आईपीएस अफसरों की छानबीन समिति सौंपा गया। इस प्रकरण में विशेष अदालत ने जैन के खिलाफ फैसला दिया। उसके बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।
जैन द्वारा लगाए गए आरोपों पर राजस्व मंत्री रामपाल सिंह का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क किया गया। लेकिन बताया गया कि वे बैतूल के घोड़ाड़ोंगरी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में व्यस्त है, लिहाजा बात होना संभव नहीं है।
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