नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि कॉल ड्रॉप और खराब सेवा के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को दूरसंचार कंपनियों पर जुर्माना लगाने की शक्ति देने पर वह खुले मन से विचार करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वह इस पर विचार करने के लिए औपचारिक अनुरोध का इंतजार करेंगे।
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि कॉल ड्रॉप और खराब सेवा के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को दूरसंचार कंपनियों पर जुर्माना लगाने की शक्ति देने पर वह खुले मन से विचार करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वह इस पर विचार करने के लिए औपचारिक अनुरोध का इंतजार करेंगे।
प्रसाद ने यहां संचार भवन के अपने कार्यालय में आईएएनएस से कहा, “यदि ट्राई व्यवस्थित तरीके से कानूनी व्यवस्था के बारे में हमसे संपर्क करे, तो हम खुले मन से इस पर विचार करेंगे।”
मंत्री ने कहा, “हमने सभी नीतिगत व्यवस्था कर दी है- स्पेक्ट्रम व्यापार, साझेदारी, हार्मोनाइजेशन, उदारीकरण और सक्रिय और निष्क्रिय अवसंरचना की साझेदारी। इसलिए स्पेक्ट्रम का अभाव अब कोई समस्या नहीं है। अब उनके परिणाम दिखाने का समय आ गया है।”
उन्होंने कहा, “मैंने इस बात को संज्ञान में लिया है कि उन्होंने गत एक साल में देश में एक लाख टावर लगाए हैं। लेकिन उन्होंने और भी बहुत कुछ करना है।”
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने ट्राई के कॉल ड्रॉप के लिए कंपनियों पर जुर्माना लगाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
इस सप्ताह के शुरू में ट्राई के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि सरकार को उन्हें जुर्माना लगाने की कानूनी शक्ति देनी चाहिए।
मंत्री ने कहा कि बेहतर सेवा देना कंपनियों के हित में है। उन्होंने कहा, “यदि वे देशभर में मोबाइल सेवा पहुंचा सकते हैं, तो वे बेहतर सेवा भी दे सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि अगली स्पेक्ट्रम नीलामी जल्द ही पारदर्शी तरीके से होगी।
इंटरनेट निरपेक्षता के बारे में मंत्री ने कहा कि सरकार को ट्राई के विचार का इंतजार है।
उन्होंने कहा, “मेरी सरकार इंटरनेट के भेद-भाव रहित उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। इंटरनेट मानव मस्तिष्क का एक सर्वोत्तम सृजन है और यह सभी के लिए उपलब्ध होना चाहिए।”
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