मुंबई, 6 जून (आईएएनएस)। शिवसेना ने सोमवार को कहा है कि महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से को शिवसेना से राजनीतिक रिश्ता खत्म करने का खामियाजा भुगतना पड़ा है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा है, “शिवसेना के साथ गठबंधन तोड़ने को लेकर अहंकार उनके (खड़से) चेहरे पर हमेशा स्पष्ट था और यह अंत तक बना रहा। आखिरकार उन्हें इस्तीफा देना पड़ा और घर जाना पड़ा।”
शिवसेना ने यहां भाजपा के साथ उस अलगाव का जिक्र किया है, जिसके तहत अक्टूबर 2014 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दोनों भगवा सहयोगियों के बीच का 25 साल पुराना गठबंधन टूट गया था। दोनों ने यह चुनाव अलग-अलग लड़ा था।
बाद में भाजपा ने अल्पमत सरकार बनाई थी और शिवसेना लगभग दो महीने तक विपक्ष में रही थी। लेकिन आंतरिक दबाव के चलते शिव सेना को गठबंधन साझेदार के तौर पर सरकार में शामिल होना पड़ा था।
शिव सेना ने खड़से, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल (जो अब जेल में हैं) का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि ‘जिसने भी पार्टी से टकराने की जुर्रत की’ वह खाक में मिल गया या उसे जेल जाना पड़ा। भुजबल भी पहले शिव सेना में रह चुके हैं।
खड़से ने आरोपों के बीच शनिवार को इस्तीफा दे दिया था। शिव सेना ने कहा कि उन्होंने अपने को बेगुनाह बताया और अपनी दुर्दशा के लिए मीडिया समेत अन्य सभी को जिम्मेदार ठहराया।
उल्लेखनीय है कि खड़से के एक सहयोगी को एक भूमि सौदे में 30 करोड़ रुपये रिश्वत मांगने के लिए गिरफ्तार किया गया था। खड़से पर पुणे में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) के एक औद्योगिक भूखंड को कौड़ियों के भाव आवंटित करने और उन्हें अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के लगातार फोन आने के आरोप लगे हैं।
शिवसेना ने खड़से पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जैसी करनी, वैसी भरनी।”
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