नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस के सदस्यों के बीच एक संसदीय समिति की बैठक में कथित तौर पर मंगलवार को यहां टकराव देखने को मिला। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय से संबंधित संसद की स्थायी समिति की बैठक में तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय ने जानबूझकर निर्वाचन आयोग (ईसी) की कार्यप्रणाली पर खासतौर से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में सवाल उठाया।
राज्यसभा में तृणमूल के सांसद रॉय ने निर्वाचन आयोग के उन विवेकाधीन आदेशों के बारे में शिकायत की, जिसमें उसने चुनाव के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण के आदेश दिए थे। उन्होंने यह भी सवाल किया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव कई चरणों में क्यों कराए गए, जबकि दूसरे राज्यों में ऐसा नहीं किया गया।
यह बहस चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी हुआ, जिन्हें स्थायी समिति की बैठक में तलब किया गया था।
इस स्थायी समिति में संसद के दोनों सदनों के 31 सदस्य शामिल हैं और समिति के अध्यक्ष कांग्रेस के ई. ए. सुदर्शन नटचियप्पन हैं। वह फिलहाल ‘विभिन्न चुनावों को एक साथ कराने की व्यवहार्यता’ विषय की जांच कर रहे हैं।
सूत्रों ने कहा कि यह बैठक कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के संदर्भ में आयोजित की गई थी।
बैठक में तृणमूल के सदस्य ने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रशंसनीय है, क्योंकि एक संवैधानिक संस्था को कानून का पालन करनेवाला और अच्छी चीजों को महत्व देनेवाला तथा जवाबदेह होना चाहिए।
तृणमूल सदस्य ने दृढ़ता से यह सवाल उठाया कि क्यों और कैसे 68 शीर्ष पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया।
इस समिति ने कथित तौर पर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान अन्नाद्रमुक द्वारा धन के कथित दुरुपयोग के बारे में एक शिकायत का संज्ञान लिया।
स्थायी समिति के अन्य सदस्यों में अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस), मजीद मेमन (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी), के.टी.एस. तुलसी (नामांकित), भूपेंद्र यादव (भारतीय जनता पार्टी) और भगवंत मान (आम आदमी पार्टी) हैं।
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