नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। झारखंड के पर्यटन विभाग ने गुरुवार को कहा कि वह प्रदेश में बंद हो चुके खानों को पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने को लेकर काम कर रहा है।
विभाग के निदेशक प्रसाद कृष्ण वाघमरे के एक बयान के मुताबिक, “दुनिया के अन्य खान पर्यटन गंतव्यों की तरह ही प्रदेश में खान पर्यटन को विकसित किया जाएगा।”
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार का इरादा बंद हो चुके खानों को एक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने का है।”
विभाग का यह कदम ऑस्ट्रेलिया, चिली, कनाडा, नॉर्वे तथा अन्य देशों के खनन पर्यटन के अध्ययन के बाद सामने आया है।
वाघमरे ने कहा, “प्रदेश में घूमने आने वालों के लिए यह बिल्कुल एक अलग तरह का अनुभव हो सकता है। सरकार इसके लिए पहले ही कई खान संचालकों के साथ बातचीत कर रही है।”
उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत उनका विभाग मंदिर पर्यटन के साथ-साथ जैव विविधता पर्यटन पर भी काम कर रहा है।
मध्यकालीन टेराकोटा मंदिर ‘मलूटी’ एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने जा रहा है।
मलूटी मंदिर 78 टेराकोटा मंदिरों का समूह है, जिनका निर्माण झारखंड के दुमका जिले के मलूटी गांव में 17वीं और 19वीं सदी में हुआ था।
अधिकारियों के मुताबिक, झारखंड में प्रदेश से बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। साल 2000 में यह आंकड़ा 23,991 था, जबकि साल 2015 में यह 33,179,530 हो गया।
वाघमरे ने कहा कि पर्यटकों के मामले में झारखंड का देश में नौवां स्थान है और राज्य पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश को पहले पायदान पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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