लखनऊ/जौनपुर, 21 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को मथुरा हिंसा में शहीद हुए थाना प्रभारी संतोष यादव के केवटली स्थित घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने अपने हाथों से शहीद की पत्नी को 50 लाख रुपये का चेक और नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र भी सौंपा।
मुख्यमंत्री ने संतोष की मां और बच्चों से भी मुलाकात की और हर स्तर पर मदद का भरोसा दिया। वह निर्धारित समय से करीब सवा घंटे की देरी से 10.46 पर हेलीकॉफ्टर से केवटली स्थित हेलीपैड पर उतरे और सीधे संतोष के घर पहुंचे।
घर के बाहर लगी संतोष की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद घर में चले गए। संतोष की पत्नी मिथिलेश को 50 लाख रुपये का चेक और नियुक्ति पत्र देने के साथ भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है।
मुख्यमंत्री ने घर के बाहर मौजूद जिले के कैबिनेट मंत्रियों पारसनाथ यादव, राज्यमंत्री सत्येंद्र यादव और राज्यमंत्री जगदीश सोनकर को अंदर बुलाकर और परिवार की देखभाल का निर्देश दिया। घर में मौजूद गांव प्रधान से भी परिवार का ख्याल रखने को कहा।
संतोष की पत्नी मिथिलेश की नियुक्ति पुलिस विभाग में वरिष्ठ लिपिक के पद पर हुई है। वह जौनपुर में ही ज्वाइन करेंगी। फिलहाल बच्चे आगरा में पढ़ते हैं, इसलिए उन्हें आगरा से संबद्ध कर दिया गया है। वह जब चाहेंगी, वापस जौनपुर आ सकती हैं।
शहीद संतोष के घर से निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा की घटना दुखद और संवेदनशील है। इसके बावजूद भाजपा और अन्य दल इस पर राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा की राजनीति करने वालों के पास कोई मुद्दा नहीं रह गया है। कुछ महीने बाद होने वाले चुनाव में जनता इन्हें मुंहतोड़ जवाब देगी। सपा पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में आएगी।
उल्लेखनीय है कि 2 जून को मथुरा के जवाहरबाग में हुई हिंसा में दो पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई थी। इसमें संतोष यादव भी शामिल थे।
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