राजधानी में मंगलवार को संघर्ष समिति की हुई बैठक में संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उदित राज का बयान ‘उप्र का दलित दिग्भ्रमित है’ पूरी तरह दलित समाज का अपमान है।
उन्होंने कहा कि वास्तव में दिग्भ्रमित तो भाजपा के दलित सांसद हंै, जो मोदी सरकार के आगे-पीछे घूम रहे हैं। जबकि मोदी सरकार बाबा साहब अंबेडकर की बनाई संवैधानिक व्यवस्था पर लगातार कुठाराघात कर रही है।
वर्मा ने कहा कि कभी तो आरएसएस के लोग आरक्षण की समीक्षा की बात करते हैं और जब दलित समाज को उनका संवैधानिक अधिकार देने की बात आती है तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप्पी साध लेते हैं। ये सब दोहरे चरित्र वाले लोग हैं।
वहीं, के.बी. राम ने कहा कि भाजपा सांसद शायद यह भूल गए हैं कि केंद्र की मोदी सरकार अगर लोकसभा से 117वां ‘पदोन्नति में आरक्षण’ विधेयक पास करा देती तो उप्र में एक भी दलित कार्मिक रिवर्ट नहीं होता। इस पर उदित राज का यह बयान कि ‘उप्र सरकार से बात हुई है जल्द कमेटी बनेगी’, यह सिद्ध करता है कि भाजपा के दलित सांसद सपा सरकार से गुपचुप मिले हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब प्रदेश का 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिक सपा व भाजपा के दलित विरोधी गुपचुप गठजोड़ पर करारा वार करते हुए उप्र में आरक्षण समर्थक सरकार बनवाएंगे।
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