इटानगर, 17 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस विधायक पेमा खांडू ने रविवार को यहां अरुणाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वह देश में सबसे युवा मुख्यमंत्री बन गए हैं।
राजभवन में यहां आयोजित एक समारोह में अरुणाचल प्रदेश के कार्यवाहक राज्यपाल तथागत रॉय ने 37 वर्षीय खांडू को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर विधायक चावना मेन ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
शपथ लेने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए खांडू ने कहा कि उनकी सरकार के कामकाज में उम्र कभी भी कोई मुद्दा नहीं बनने जा रही है। अगर उन्हें सभी विधायकों का समर्थन प्राप्त है, तो वह अच्छे तरीके से राज्य का प्रशासन चलाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल ने कहा, “मैं पेमा खांडू को शुभकामनाएं देता हूं और अरुणाचल प्रदेश के विकास में उनका सहयोग करूंगा।”
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी और विधानसभा अध्यक्ष नबाम रेबिया मौजूद थे।
पेमा खांडू के लिए कांग्रेस के विद्रोही विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए तुकी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। तुकी को अपदस्थ करने के लिए विद्रोही विधायक कांग्रेस से अलग हो गए थे।
इससे पहले तुकी ने कांग्रेस विधाक दल (सीएलपी) के नेता पद से इस्तीफ दिया था और अगले सीएलपी नेता के रूप में पेमा खांडू के नाम का प्रस्ताव किया था।
कांग्रेस के 15 और 29 असंतुष्ट विधायकों समेत सभी 44 विधायकों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। गत फरवरी महीने में कांग्रेस के असंतुष्ट विधायक पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) में शामिल हो गए थे।
कांग्रेस के 44 विधायकों में पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल भी शामिल थे। गत फरवरी महीने में पुल ने तुकी को अपदस्थ कर दिया था और स्वयं राज्य के मुख्यमंत्री बने थे।
खांडू ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज में पढ़ाई की है। उन्होंने अपना करियर कंस्ट्रक्शन बिजनेस से शुरू किया और राज्य के विकास में अपने पिता दोरजी खांडू की सहायता करने में अहम भूमिका निभाई।
साल 2011 में दोरजी की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद उन्हें परिवार की राजनीतिक वंशावली बरकरार रखने के लिए राजनीति में आना पड़ा। वह अपने पिता के विधानसभा क्षेत्र मुक्तो से निर्विरोध चुने गए।
खांडू, नबाम तुकी के मंत्रिमंडल में जल संसाधन और पर्यटन मंत्री थे। बाद में तुकी से मतभेद होने पर साल 2015 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
खांडू बाद में प्रदेश कांग्रेस के असंतुष्ट गुट में शामिल हो गए और तुकी को अपदस्थ करने में पुल का समर्थन किया।
गत बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद मुख्यमंत्री के रूप में तुकी को बहाल किया गया था। इसके बाद खांडू अरुणाचल प्रदेश की राजनीति में आगे आए।
dharmpath.com dharmpath