नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मंगलवार को सदन में महात्मा गांधी की हत्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गांधीजी के शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया था।
स्वामी ने कांग्रेस के विरोध के बीच इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इस पर चर्चा की जानी चाहिए, क्योंकि सांसद इस पर टिप्पणी कर रहे हैं और हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय में भी इससे संबंधित मामले की सुनवाई हुई है।
उन्होंने कहा, “हाल ही में मोदी सरकार ने महात्मा गांधी की हत्या से संबंधित अधिकांश फाइलें राष्ट्रीय संग्रहालय में डाली हैं। मुझे इन्हें पढ़ने का मौका मिला, इस पर बहुत टिप्पणियां की गई हैं, जिनमें सांसदों की भी टिप्पणियां शामिल हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने भी उन्हें चेतावनी दी है।”
सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा महात्मा गांधी की हत्या के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सामूहिक निंदा के मुद्दे पर कहा था कि राहुल गांधी को इन आरोपों के लिए सुनवाई का सामना करना पड़ सकता है।
कांग्रेस सदस्यों ने यह कहते हुए इसका विरोध किया कि किसी का नाम नहीं लेना चाहिए। स्वामी ने इसके जवाब में कहा, “मैं सिर्फ महात्मा गांधी का नाम लूंगा। मैं किसी और गांधी का नाम नहीं लूंगा।”
गौरतलब है कि नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को प्रार्थनासभा में महात्मा गांधी को गोली मार दी थी।
पिछले कई दशकों से आरएसएस गोडसे के भाई के उन दावों को नकारती आई है जिसके मुताबिक, नाथूराम गोडसे का संबंध आरएसएस से था।
स्वामी ने कहा, “महात्मा गांधी के शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। नतीजा यह रहा कि महात्मा गांधी पर कितनी गोलियां चलाई गईं, इसे लेकर विवाद है। समाचार पत्रों में चार गोलियां चलाने का हवाला दिया, जबकि अभियोजक ने तीन गोलियां चलने की बात कही।”
स्वामी का बयान पूरा होने से पहले ही शून्यकाल समाप्त हो गया।
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