नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने हाल ही में लापता हुए भारतीय वायु सेना के विमान एएन-32 के संदर्भ में कहा कि यह वायु सेना के सबसे सुरक्षित विमानों में से है। उन्होंने कहा कि लापता विमान की तलाश में सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने मंगलवार को राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अब तक लापता विमान का कोई सुराग नहीं मिला है और छोटे-छोटे से सुराग पर ध्यान दिया जा रहा है।
22 जुलाई को लापता हुए इस सैन्य परिवहन विमान में 29 लोग सवार थे।
पर्रिकर ने कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और हमने उपलब्ध सभी संसाधन लगा दिए हैं। अब तक लापता विमान का कोई सुराग नहीं मिला है।”
रक्षा मंत्री ने कहा, “लापता विमान से जुड़ी चार-पांच चीजें पता लगी हैं। हम अभी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे किसी तरह के सुराग हैं या नहीं..लेकिन हम कोई संसाधन नहीं छोड़ रहे। हमने सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरें खंगालीं, सर्विलांस, पी 8आई विमान का उपयोग करके देख लिया। कोस्ट गार्ड और भारतीय नौसेना सहित कुल 30 पोत वहां मौजूद हैं। एक पनडुब्बी वहां पहले से ही है। हम गहरे समुद्रे में इस्तेमाल होने वाला राहत एवं बचाव पोत भी मंगा रहे हैं।”
विमान में तकनीकी खराबी की खबरों के बारे में पूछे जाने पर पर्रिकर ने कहा, “मैं इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा, लेकिन संसद सदस्यों को मैं इतना जरूर बताना चाहूंगा कि एएन-32 विमान भारतीय वायु सेना के सबसे सुरक्षित विमानों में से एक है।”
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