भोपाल-मध्य प्रदेश में लोगों को मानसून के लिए अभी कुछ और इंतजार करना होगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में मानसून की एंट्री 25 जून के बाद होने की संभावना है। सामान्य तारीख से करीब एक सप्ताह की देरी के बीच अगले चार दिनों तक जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सोमवार को प्रदेश के 21 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में आमतौर पर मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है लेकिन इस बार 22 जून तक भी इसकी दस्तक नहीं हुई है। फिलहाल मानसून 8 जून से तेलंगाना क्षेत्र में धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि 23 जून तक यह छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर बढ़ेगा। इसके बाद यदि इसकी रफ्तार सामान्य रही तो 25 जून के बाद मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। पिछले साल मानसून 16 जून को ही प्रदेश पहुंच गया था।
मानसून की देरी का असर प्रदेश में बारिश के आंकड़ों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जून में अब तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 48 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में बारिश की कमी 69 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश के 55 में से 45 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। अलीराजपुर में अब तक एक बूंद भी बारिश नहीं हुई। जबकि, भोपाल में सबसे अधिक करीब साढ़े चार इंच पानी दर्ज किया गया है।
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