ईरान-अमेरिका की बातचीत विफल होने और फिर से भीषण जंग की आशंका को देखते हुए सोमवार (13 अप्रैल 2026) को दुनियाभर के बाजारों में काफी हलचल देखी गई. भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भी बेहद निराशाजनक रही. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने दलाल स्ट्रीट के निवेशकों के हौसले पस्त कर दिए हैं. वहीं कच्चे तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल ने बाजार में बिकवाली का माहौल पैदा कर दिया.
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार खुलते ही लाल निशान में गोता लगा गया. बीएसई का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स लगभग 1613 अंकों की भारी गिरावट के साथ 75,937 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. बाजार के इस क्रैश ने निवेशकों की भारी पूंजी साफ कर दी है.
केवल सेंसेक्स ही नहीं, बल्कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी दबाव झेलने में नाकाम रहा और 461 अंक टूटकर 23,589 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के नीचे फिसल गया है. बाजार के जानकारों का मानना है कि अगर तनाव कम नहीं हुआ, तो यह गिरावट और गहरी हो सकती है.
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