नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) को राहत देते हुए इंडियन बैडमिंडन लीग (आईबीएल) के दूसरे संस्करण के आयोजन पर रोक लगाने की स्पोर्टी सॉल्यूशंस की मांग ठुकरा दी।
अदालत ने मामले पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए स्पोर्टी सॉल्यूशंस के आईबीएल-2 पर रोक लगाने की मांग से संबंधित आदेश देने से इनकार कर दिया और 10 दिसंबर तक के लिए सुनवाई स्थगति कर दी।
बीएआई को इस बीच स्पोर्टी सॉल्यूशंस की याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया अदालत को सौंपनी है।
बीएआई के अध्यक्ष और आईबीएल के चेयरमैन अखिलेश दास गुप्ता ने कहा, “स्पोर्टी सॉल्यूशंस के साथ चल रही कानूनी लड़ाई में मौजूदा कार्यवाही से हम संतुष्ट हैं। सम्माननीय अदालत ने स्पोर्टी सॉल्यूशंस के टूर्नामेंट पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया है।”
उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि जिस तरह हम चाह रहे हम उसी तरह आईबीएल-2 का आयोजन करने के लिए स्वतंत्र हैं और टूर्नामेंट के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित करने में हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। बीएआई देश में बैडमिंटन की सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इकाई है और बैडमिंटन बीएआई पर बीएआई का पूरा अधिकार है। हमें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और हमें पूरा भरोसा है कि इस मामले का फैसला अंतत: हमारे पक्ष में ही आएगा।”
गौरतलब है कि बैंक गारंटी जमा न किए जाने का हवाले देते हुए बीएआई ने स्पोर्टी सॉल्यूशंस से अपना करार तोड़ लिया है, जिसके बाद स्पोर्टी सॉल्यूशंस ने अदालत की शरण ली है।
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