आध्यात्मिक विरासत से समझौता कर महाशक्ति नहीं बन सकते : शाह

कुरुक्षेत्र, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश की आध्यात्मिक विरासत बचा कर रखने की जरूरत का जिक्र करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को यहां कहा यदि इसकी आध्यात्मिक विरासत के साथ समझौता किया गया तो देश महाशक्ति नहीं बन सकता।

शाह यहां कुरुक्षेत्र में गुरुकुल के 104वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, “यदि हम लोगों ने अपनी आध्यात्मिक विरासत से जरा-सा भी समझौता किया तो भारत महाशक्ति नहीं बन सकता।”

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “सांस्कृति धरोहरों को संजोकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से समृद्ध, सुरक्षित और मजबूत देश की ओर अग्रसर हो रहा है।”

भगवान कृष्ण ने जहां गीता का उपदेश दिया, उस कुरुक्षेत्र को पवित्र भूमि बताते हुए शाह ने कहा, “दुनिया की सारी समस्याओं का समाधान इस पवित्र पुस्तक में मौजूद है।”

विभिन्न संतों के नि:स्वार्थ काम करने का उल्लेख करते हुए शाह ने आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती के योगदान का उल्लेख किया।

शाह ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी ने आर्य समाज की विचारधारा का समर्थन किया है और उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वामी दयानंद की दिखाई राह का अनुसरण करें।

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