नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। कम आय वाले देशों में 1.7 अरब से अधिक महिलाओं के पास मोबाइल फोन नहीं हैं और पुरुषों के मुकाबले 14 फीसदी कम महिलाओं के पास मोबाइल फोन हैं, यानी, पुरुषों के मुकाबले 20 करोड़ कम महिलाओं के पास मोबाइल फोन हैं। यह बात यहां मंगलवार को जारी एक रपट में कही गई।
जीएसएम एसोसिएशन (जीएसएमए) द्वारा जारी रपट, ‘ब्रिजिंग द जेंडर गैप : मोबाइल एक्सेस एंड यूसेज इन लो एंड मिड्ल कंट्रीज’ में कहा गया है, “दक्षिण एशिया में पुरुषों के मुकाबले 38 फीसदी कम महिलाओं के पास मोबाइल फोन होते हैं।”
जीएसएमए के महानिदेशक एन्नी बॉवरोट ने कहा, “मोबाइल फोन की सर्वव्यापकता और कम कीमत हमारे पास सुधार के और सामाजिक-आर्थिक विकास के अभूतपूर्व अवसर पैदा करते हैं, लेकिन अध्ययन के मुताबिक मोबाइल फोन के मालिक और मोबाइल सेवा उपभोक्ता के रूप में महिलाएं पीछे छूट गई हैं।”
उन्होंने कहा, “मोबाइल फोन स्वामित्व और उपयोग में लैंगिक असमानता को दूर कर हम महिलाओं, मोबाइल उद्योग और अर्थव्यवस्था को काफी लाभ प्रदान कर सकते हैं।”
रपट में कहा गया है कि मूल्य, नेटवर्क गुणवत्ता और कवरेज, सुरक्षा और मोबाइल के जरिए उत्पीड़न, सेवा प्रदाता पर भरोसा और प्रौद्योगिकी ज्ञान और उपयोग का आत्मविश्वास ऐसे कुछ कारण हैं, जिसके कारण महिलाएं मोबाइल फोन उपयोग में पीछे हैं।
इसी तरह का एक अध्ययन 2010 में भी हुआ था। ‘महिला और मोबाइल : एक वैश्विक अवसर’ रपट में भी यही निष्कर्ष प्रस्तुत किया गया था कि गरीब देशों में महिलाओं के बीच मोबाइल फोन का उपयोग पुरुषों के मुकाबले काफी कम है।
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