ओबामा ने आईएसआईएस के खात्मे का संकल्प लिया (लीड-1)

वाशिंगटन, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कैलिफोर्निया गोलीबारी के बाद आतंकवाद से लड़ने के उपायों पर रविवार को देश को संबोधित करते हुए एक सशक्त, कठोर और बुद्धिमतापूर्ण अभियान के जरिए आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) को उखाड़ फेंक इस खतरे से उबरने का संकल्प लिया।

वाशिंगटन, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कैलिफोर्निया गोलीबारी के बाद आतंकवाद से लड़ने के उपायों पर रविवार को देश को संबोधित करते हुए एक सशक्त, कठोर और बुद्धिमतापूर्ण अभियान के जरिए आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) को उखाड़ फेंक इस खतरे से उबरने का संकल्प लिया।

पाकिस्तानी मूल के पति-पत्नी ने बुधवार को कैलिफोर्निया के सान बर्नार्डिनो शहर में अंधाधुंध गोलियां बरसाकर 14 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इस हमले में 21 अन्य लोग घायल हुए थे।

ओबामा ने रविवार रात प्राइम टाइम में देश को संबोधित करते हुए इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) या इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवांत (आईएसआईएल) को पूरी दुनिया के लिए एक खतरा करार दिया। उन्होंने कहा, “आतंकवाद असल मायने में खतरा है, लेकिन हम इस खतरे से उबर आएंगे।”

उन्होंने कहा, “हम हमें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले आईएसआईएल या अन्य किसी भी आतंकवादी संगठन को बर्बाद कर देंगे।”

ओबामा ने कांग्रेस से इन आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया। अमेरिका ने देशवासियों से मुस्लिम दोस्तों या मुस्लिम पड़ोसियों से मुंह न फेरने और आईएसआईएस के साथ होने वाले संघर्ष को इस्लाम के विरुद्ध जंग न समझने की अपील भी की।

ओबामा ने तीसरी बार व्हाइट हाउस स्थित अपने ‘ओवल ऑफिस’ से देश को संबोधित किया, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

उन्होंने पिछली बार अगस्त 2010 में इराक में अमेरिका की युद्ध कार्रवाई को खत्म करने और मेक्सिको की खाड़ी में भयानक रूप से फैले तेल के बारे में विचार-विमर्श करने के लिए 15 जून को अपने ओवल ऑफिस से देश को संबोधित किया था।

कैलिफोर्निया के सान बर्नार्डिनो शहर में हुई गोलीबारी की घटना को पाकिस्तानी मूल के सैयद फारूक (28) और उसकी पाकिस्तानी पत्नी तशफीन मलिक ने अंजाम दिया था। दोनों इंटरनेट के जरिए आईएसआईएस के सरगना के प्रति वफादारी निभाने का प्रण ले चुके थे।

ओबामा ने उच्च तकनीक और कानून के जानकारों से आग्रह किया कि वे ऐसे कदम उठाएं जिससे आतंकवादी कानून से बच निकलने के लिए तकनीक का उपयोग न कर सकें। उन्होंने कहा, “हम लगातार इस बारे में जांच-परख कर रहे हैं, ताकि हमें पता चल सके कि इस दिशा में अतिरिक्त कदम कब और क्या उठाने की आवश्यकता है।”

उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि इस हमले में विदेश या देश में ही छिपे बैठे किसी आतंकवादी संगठन का हाथ है।

ओबामा ने कहा, “लेकिन यह स्पष्ट है कि दोनों (सैयद व तशफीन )आतंकवाद की अंधकार भरी राह पर निकल पड़े थे और उन्होंने इस्लाम की एक विकृत व्याख्या को अपना लिया था, एक ऐसी व्याख्या जो अमेरिका व पश्चिम के खिलाफ जंग की बात कहती है।”

ओबामा ने कहा, “यह आतंकवादी कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य बेगुनाह लोगों की जान लेना था।”

अमेरिका के राष्ट्रपति ने आतंकवादियों से निपटने के लिए एक चार सूत्री रणनीति तैयार की है। इस रणनीति में हर देश में मौजूद आतंकवादी सरगना का खात्मा, इराक एवं सीरिया के सुरक्षाबलों को आईएसआईएस से लड़ने के लिए प्रशिक्षण एवं हथियार उपलब्ध कराना, आईएसआईएस की गतिविधियों, उसके लेन-देन और भर्ती प्रक्रिया को रोकना और सीरिया के गृह युद्ध का राजनीतिक समाधान या युद्ध विराम की एक बुनियाद डालना शामिल है।

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