रायपुर, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के सुकमा में पिड़मेल में एसटीएफ और नक्सलियों की बीच हुई मुठभेड़ में वीरता का प्रदर्शन करने वाले सभी 42 जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जवानों को एक पदोन्नति देने का फैसला किया है। इसके साथ ही हमले में शहीद जवानों को वीरता पुरस्कार के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा। एडीजी नक्सल ऑपरेशन आरके विज ने बताया कि पिड़मेल में एसटीएफ के जवान चारों तरफ से 300 से ज्यादा नक्सलियों से घिर गए थे।
नक्सलियों ने दस किलोमीटर तक एंबुश लगाया था, इसके बावजूद जवान बाहदुरी से लड़े और अपने घायल साथियों एवं हथियार को लेकर आने में सफल हुए।
11 अप्रैल को सुकमा के ग्राम पिड़मेल में कांकेरलंका कैम्प से करीब 11 किमी दूर दक्षिण-पश्चिम दिशा में एसटीएफ एवं माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एसटीएफ के 7 जवान शहीद एवं 10 जवान घायल हो गए थे। इस मुठभेड़ में प्लाटून कमांडर शंकर राव ने बहादुरी का परिचय देते हुए नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन को लीड किया और पहली गोली का सामना किया।
विज ने बताया कि शंकर राव को बहादुरी के लिए वीरता पदक की अनुशंसा केंद्रीय गृहमंत्रालय को की जाएगी। इसके साथ ही एक महीने के अंदर सभी जवानों की पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
यह जवान हुए हैं शहीद : शंकर राव, रोहित सोरी, मनोज बघेल, मोहन उईके, राजकुमार मरकाम, किरण देशमुख, राजमन नेताम।
यह जवान हुए घायल : आरक्षक मडकाम केसा, संजय लकड़ा, रंजीत कुमार सिंह, अरविंद कुमार, सहायक आरक्षक किसे देवा, बड्डी कन्ना, माडवी लुक्का, माडवी देवा, सरयम लावेना और सरयम मनोज।
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