तिब्बत की जीडीपी में 50 वर्षो में 281 गुना वृद्धि

‘सक्सेसफुल प्रैक्टिस ऑफ रिजनल एथनिक ऑटोनोमी इन तिब्बत’ शीर्षक से पेश इस श्वेत पत्र से पता चला है कि क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता प्रणाली के तहत तिब्बत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में काफी प्रगति हुई है और यह लगातार नए स्तर पर पहुंच रही है।

तिब्बत की स्थानीय जीडीपी वर्ष 1994 से 12.4 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ी है। इसमें लगातार 20 वर्षो से दोगुनी वृद्धि हुई है। 1965 में स्थानीय वित्तीय राजस्व बढ़कर 1.239 करोड़ युआन रहा, जो 2014 में बढ़कर 16.475 अरब युआन रहा है। इसमें 14.46 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि हुई है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में रह रहे लोग समृद्ध जीवन व्यतीत कर रहे हैं, क्योंकि इनकी आय में तेजी से वृद्धि हो रही है। वर्ष 2014 में शहरी निवासियों की प्रति व्यक्ति आय 38 गुना बढ़कर 22,016 युआन रही है।

श्वेतपत्र के मुताबिक, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के निवासियों की जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। स्थानीय किसानों और चरवाहों के लिए कम आय की आवासीय परियोजनाएं शुरू करने में तिब्बत सबसे आगे है। 2013 के अंत तक तिब्बत में 27.8 अरब युआन की लागत से निम्न आय वर्ग के 460,300 घरों का निर्माण हुआ है।

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