दार्जिलिंग भूस्खलन : मृतकों की संख्या 32 पहुंची (राउंडअप)

सिलीगुड़ी/कोलकाता, 2 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की पहाड़ियों में हुए भूस्खलन में गुरुवार को दो और शव मिले। इस मामले में कुल 32 लोगों की जान जा चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य जोरों पर हैं।

केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरण रिरिजू और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिन के समय प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ित लोगों को पुनर्वास में पूरी सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया।

भूस्खलन में मिरिक सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, यहां से गुरुवार को बरामद हुए दो शवों में एक शव महिला का है। यहां पर अभी तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है।

उप-संभागीय पुलिस अधिकारी अभिजीत सिंह काडियन ने कहा, “हमने आज (गुरुवार को) दो और शव बरामद किए हैं। वहीं 10 अन्य लोग अभी तक लापता हैं।”

ममता बनर्जी ने बुधवार को जानकारी दी थी कि इस आपदा में 30 लोगों की जान चली गई है।

किरण रिरिजू और ममता बनर्जी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। वहीं लापता लोगों को ढूंढने का काम और बचाव अभियान पूरे जोरों पर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर बुधवार को इलाके में पहुंचे किरण रिरिजू ने कहा, “हमारी प्राथमिकता प्रभावी राहत अभियान सुनिश्चित करना है। हम सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। हमें राज्य सरकार के साथ काम करना होगा।”

उन्होंने कहा, “सरकार सभी निवासियों को क्षति के लिए राहत पहुंचाएगी। हम राजमार्ग बनाने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन हमें इसके क्रियान्वयन से पहले विस्तृत चर्चा करनी है।”

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, सशस्त्र सीमा बल और राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन बल को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। सेना ने भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए दो कार्य बल तैनात किए हैं।

कोलकाता में रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सेना की टीम के पास राहत सामग्रियों में नाव और लाइफ जैकेट हैं। टीम को बुधवार से ही जलपाईगुड़ी जिले में भेजा गया है, जो लगातार हो रही भारी बारिश तथा तीस्ता बैराज से छोड़ी जा रही पानी से जलप्लावित हो रहा है।

बारिश के कारण जलपाईगुड़ी जिले का बड़ा हिस्सा जलप्लावित हो गया है, जिससे पांच हजार लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर हो जाने के कारण रेड अलर्ट जारी किया है।

स्थानीय मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में भारी बारिश होने के आसार जताए हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी बुधवार रात से इलाके में मौजूद हैं और उन्होंने गुरुवार को राहत शिविरों का दौरा किया।

राज्य सरकार ने सामुदायिक रसोई स्थापित की है, वहीं ममता का कहना है कि केंद्र सरकार से अपील की गई है कि वह भारतीय भूगर्भीय सर्वेक्षण (जीएसआई) को मिरिक इलाके का विशेष सर्वेक्षण के आदेश दे, जहां सबसे अधिक लोगों की मौत हुई है।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, “हमारा प्रशासन पहाड़ों पर रह रहे लोगों को लगातार समर्थन और सहायता पहुंचा रहे हैं। मैं राहत कार्यो पर लगातार नजर बनाए हुए हूं। हम हर समय अपने भाई-बहनों के साथ हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को चेक सौंपा। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों के परिजनों को 1.25 लाख रुपये देने की घोषणा की।

केंद्र सरकार के साथ-साथ पहाड़ी स्वायत्त परिषद, गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन ने मुआवजे के रूप में दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की है।

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