नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को इटली के मरीन मसीमिलियानो लतोरे को 30 सितंबर तक भारत आने से छूट दे दी है।
लतोरे इटली के उन दो नौसैनिकों में से एक है जिन पर 2012 में दो भारतीय मछुआरों को जान से मारने का आरोप है।
न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने कहा कि लतोरे को एक नया शपथपत्र दाखिल कर यह कहना होगा कि वह जब भी जरूरत होगी, भारतीय अदालत में हाजिर होंगे।
लतोरे और इटली के एक अन्य नौसैनिक सल्वाटोर गिरोन ने केरल के तट पर कथित रूप से समुद्री डाकू समझकर दो मछुआरों की हत्या कर दी थी। गिरोन फिलहाल भारत में है। इटली गिरोन की भी वतन वापसी की मांग कर रहा है।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 20 सिंतबर को करने का निर्देश देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सोली सोराबजी की लतोरे के इटली में रहने की अवधि को एक साल बढ़ाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया।
सोराबजी ने कहा कि इस संबंध में अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता जारी है और जर्मनी का न्यायाधिकरण दिसंबर 2018 तक इटली सरकार की इस याचिका पर निर्णय देगा कि नौसैनिक पर कानूनी कार्रवाई का अधिकार भारत के बजाए इटली को है।
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