नई दिल्ली/पेशावर, 5 जनवरी –पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ननकाना साहिब गुरुद्वारा पर मुस्लिम भीड़ द्वारा हमला करने के दो दिन बाद सिख समुदाय के एक सदस्य परविंदर सिंह की पेशावर में ‘अज्ञात’ बंदूकधारियों द्वारा हत्या कर दी गई। पेशावर स्थित सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि परविंदर सिंह एक स्थानीय पत्रकार हरमीत सिंह के छोटे भाई थे।
हरमीत ने मीडिया से कहा कि मलेशिया में व्यापारी परविंदर फरवरी में अपनी शादी की खरीदारी के लिए पेशावर में थे।
अपने भाई की हत्या से दुखी हरमीत ने कहा ‘अल्पसंख्यकों के बिना कोई देश विकास व प्रगति कर सकता, पाकिस्तान अल्पसंख्यकों की वजह से खूबसूरत है, लेकिन हम चाहते हैं कि हर साल हमारे शवों को कंधा देना खत्म हो।’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अल्पसंख्यकों की रक्षा के नाम पर कई देशों से भारी फंड प्राप्त करता है।
उन्होंने कहा, “लेकिन कोई सुरक्षा नहीं है, इसीलिए मैं आज अपने मृत भाई का शव को ले जाने के लिए यहां हूं। मैं तब तक चैन से नहीं बैठूंगा जब तक पाकिस्तान सरकार मेरे भाई के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं करती।”
पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक, खासकर सिख पहले ही गुरु नानक देव के जन्मस्थान पर हमले के बाद से असुरक्षा व डर की शिकायत कर रहे हैं।
एक व्यक्ति के परिवार के नेतृत्व में मुस्लिम भीड़ ने सिख लड़की जगजीत कौर का अपहरण किया और जबरन धर्म परिवर्तन कराया और ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पथराव किया।
भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। सत्तारूढ़ भाजपा व विपक्ष ने कांग्रेस की अगुवाई में नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन किया।
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