नई दिल्ली, 29 फरवरी (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का राजनीतिक बजट किसान हितैषी नहीं है।
चिदंबरम ने यहां संवाददाताओं से कहा, “कृषि का एक बड़ा मुद्दा है कीमत। मेरे खयाल से गत वर्ष किसानों के साथ छल हुआ। कई मामलों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में मामूली वृद्धि हुई। कई मामलों में तो एमएसपी में कोई बदलाव नहीं हुआ।”
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, “तात्कालिक तौर पर तो मूल्य के संकेत से ही किसानों का उत्साह बढ़ता है। किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।”
उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब हितैषी नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं पूछता हूं कि कौन खुश है। कर दाता? बाजार? मध्य वर्ग? मुझे नहीं लगता कि कोई खुश है।”
उन्होंने कोई नया विचार पेश नहीं करने के लिए जेटली की आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पर अपने पांव घिसट रही है।
उन्होंने कहा, “जीएसटी में इसलिए देरी हो रही है, क्योंकि सरकार अपना अड़ियल रवैया नहीं छोड़ रही है।”
यह पूछने पर कि क्या बजट राजनीतिक है, उन्होंने कहा, “इसके राजनीतिक होने की पूरी उम्मीद थी और ऐसा होने पर मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ है।”
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