लखनऊ, 15 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उप्र ईकाई ने कहा है कि पिछले एक वर्ष से उप्र में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार की पोल एक बार फिर खुल गई है। पार्टी ने सरकार से श्वेत पत्र जारी कर यह बताने की मांग की कि इस दिशा में पिछले तीन वर्षो में उनके प्रयास कितने प्रभावी साबित हुए हैं?
लखनऊ में भाजपा मुख्यालय पर पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डा. चंद्रमोहन ने संवाददाताओं को बताया कि प्रदेश में खराब बिजली व्यवस्था एक बार फिर कानून-व्यवस्था का भी प्रश्न बन गई है। प्रदेश की जनता आक्रोश में है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीते 31 मार्च को पूरे धूमधाम से राज्य विद्युत उत्पादन निगम की जिस नई अनपरा (डी) परियोजना का लोकार्पण किया था, वह अब तक एक यूनिट बिजली का भी उत्पादन नहीं कर पाई है।
चंद्रमोहन ने कहा कि सरकार ने जल्दबाजी में बिना कोई परीक्षण कराए इस यूनिट का लोकार्पण तो कर दिया, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। सूबे की सपा सरकार ने प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आपराधिक कृत्य किया है।
उन्होंने कहा कि बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और प्रदेश के बिजली घर एक-एक करके जवाब देने लगे हैं। उचित रखरखाव न होने से 600 मेगावाट क्षमता वाले बिजली घरों से उत्पादन बंद हो चुका है। साल भर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का दिखावा करने वाली सरकार ट्रांसफार्मरों का उचित प्रबंध तक नहीं कर सकी है।
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