बुजुर्गो का भी दोस्त है फेसबुक

न्यूयार्क, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। न सिर्फ युवा बल्कि बुजुर्ग भी फेसबुक के सबसे तेजी से बढ़ रहे समुदाय का हिस्सा बन रहे हैं। शोधकर्ताओं के दल ने यह जानकारी दी।

इस दल में एक भारतीय मूल के शोधार्थी व पेन्सिलवेनियास्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एस. श्याम सुंदर भी हैं। उनका कहना है कि बुजुर्ग भी फेसबुक से उन्हीं कारणों से जुड़ते हैं जिसके कारण युवक-युवतियां पिछले एक दशक से फेसबुक से जुड़ रहे हैं।

सुंदर के मुताबिक बुजुर्ग सामाजिक संबंध और जिज्ञासा से प्रेरित होकर फेसबुक से जुड़ते हैं, लेकिन वे फेसबुक का प्रयोग सामजिक पहरेदार के रूप में अधिक करते हैं।

सुंदर ने बताया, “बुजुर्ग देखते हैं कि उनके बच्चे या पोता-पोती फेसबुक पर क्या कर रहे हैं।”

इससे पहले ऐसा ही अध्ययन फेसबुक से कॉलेज छात्रों के जुड़ने को लेकर किया गया था। इसमें सामाजिक संबंध बनाने और फेसबुक के प्रयोग के बीच सकारात्मक संबंध देखा गया था।

पेन्सिलवेनियास्टेट यूनिवर्सिटी के मास कम्युनिकेशन शोधार्थी इयुन हवा जुंग कहते हैं, “हमारे शोध से यही बात बुजुर्गो के संबंध में पता चली है।”

शोधकर्ताओं ने पाया कि अपने परिवार से जुड़ने की इच्छा या फिर अपने पुराने दोस्तों से जुड़ने की इच्छा के कारण लोग फेसबुक से जुड़ते हैं।

जंग कहते हैं कि बुजुर्ग जिज्ञासा के कारण भी फेसबुक से जुड़ते हैं।

यह शोध जर्नल कम्प्यूटर इन ह्यूमन बिहेवियर में प्रकाशित किया गया है।

शोध के अनुसार बुजुर्ग रोजाना 2.46 बार फेसबुक पर जाते हैं और औसतन 35 मिनट रोज बिताते हैं।

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