भारतीय कंपनियों ने मिस्त्र में किया निवेश,प्रधानमन्त्री ये यात्रा में द्विपक्षीय समझौते किये

रणनीतिक साझेदारी पर समझौते के अलावा, दोनों देशों ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों, स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों की सुरक्षा संरक्षण और प्रतिस्पर्धा कानून पर तीन अन्य समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए.

मिस्र-अल-सिसी ने मोदी को मिस्र के सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द नाइल से भी सम्मानित किया, जो अलग-अलग देशों की ओर से प्रधानमंत्री को प्रदान किया गया 13वां सर्वोच्च राजकीय सम्मान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में कहा, मैं बड़ी विनम्रता के साथ ऑर्डर ऑफ द नाइल स्वीकार करता हूं. मैं इस सम्मान के लिए मिस्र की सरकार और लोगों को धन्यवाद देता हूं. यह भारत और हमारे देश के लोगों के प्रति उनके सद्भाव और स्नेह को दर्शाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अल-सिसी ने जी-20 में आगे के सहयोग पर भी चर्चा की, जिसमें खाद्य और ऊर्जा असुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक दक्षिण के लिए एक ठोस आवाज उठाने की आवश्यकता के मुद्दों का जिक्र किया गया. प्रधानमंत्री ने अल-सिसी को सितंबर में नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया.

रविवार शाम स्वदेश रवाना हुए मोदी ने ट्विटर पर कहा, मिस्र की मेरी यात्रा ऐतिहासिक रही. इससे भारत-मिस्र संबंधों में नई ऊर्जा आएगी और हमारे देशों के लोगों को फायदा होगा.

पीएम मोदी ने 11वीं सदी की ऐतिहासिक अल-हाकिम मस्जिद का भी दौरा किया, जिसका दाऊदी बोहरा समुदाय की मदद से जीर्णोद्धार किया गया था. दाऊदी बोहरा समुदाय का भारत, विशेष रूप से प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात के साथ मजबूत संबंध है. प्रधानमंत्री ने हेलियोपोलिस राष्ट्रमंडल युद्ध कब्रिस्तान का भी दौरा किया जहां उन्होंने प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान मिस्र में अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी.

भारतीय कंपनियों ने मिस्र में केमिकल, एनर्जी और ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 3.2 अरब डॉल का निवेश किया है. अब भारत फर्टिलाइजर और गैस का भी ट्रेड शुरू कर सकता है. भारत मिस्र के लिए अरबों डॉलर की क्रेडिट लाइन भी कोल सकता है. मिस्र के लिए यह राहतभरी खबर है.

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