(खुसुर-फुसुर)– जो नेता जिस परंपरा या परिवारवाद में आगे बढ़ता है गुण उसके ही सीखता है.मप्र काग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव की अति प्रतीक्षारत सूची जब सामने आई तो असंतोष के स्वर सामने आये.इस सूची की नियुक्तिओं में पैसों के लेन-देन की चर्चा भी खूब चली.खैर इस सब से किसी को आश्चर्य नहीं हुआ,यदि हुआ तो यह की भाजपा का दावा है की मप्र कांग्रेस मुक्त है तब यह भाव कैसे,यदि यह है तो भाजपा के लिए यह संकेत अच्छे नहीं हैं.
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