तिरुपति, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने मांग की है कि स्वर्ण मुद्रीकरण योजना (गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम) में कुछ तब्दीली की जाए, ताकि वह अपने विशाल स्वर्ण भंडार का निवेश कर सके।
टीटीडी की निवेश समिति ने यहां शनिवार को हुई अपनी बैठक में महसूस किया कि श्रद्धालुओं की भावना का आदर करते हुए कम से कम चैरिटेबल और धार्मिक संस्थानों के लिए संशोधन किया जाना चाहिए।
समिति ने केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक का प्रस्ताव रखा है। बैठक जनवरी या फरवरी के प्रथम सप्ताह में हो सकती है।
स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के तहत लघु अवधि जमा वर्तमान स्वर्ण जमा योजना जैसी ही है, जिसका टीटीडी उपयोग कर रही है।
शनिवार को इससे संबंधित जारी एक बयान में कहा गया है, “अभी बैंकों की ब्याज दर काफी कम है और इसे बढ़ाने के लिए बैंकों से बातचीत की जानी चाहिए, जो अभी मध्यम और लंबी अवधि की जमा योजना से थोड़ी ही अधिक है।”
स्वर्ण मुद्रीकरण योजना को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली है। सरकार को टीटीडी से काफी उम्मीदें हैं, जिसके पास करीब 5,500 टन सोना है।
टीटीडी को अभी सरकारी बैंकों में सोना जमा करने पर 1-1.5 फीसदी ब्याज मिलता है। वह मुद्रीकरण योजना में अधिक ब्याज चाहती है।
टीटीडी अभी ब्याज से सालाना 80 किलोग्राम सोना प्राप्त करती है, लेकिन स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के तहत वह 120 किलोग्राम सोना हासिल कर सकती है।
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