शिमला, 14 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में मंगलवार से बारिश में गिरावट आनी शुरू हो गई। इससे एक दिन पहले मूसलाधार बारिश और बाढ़ तबाही मचा दी थी।
हालांकि, अधिकारी मंगलवार शाम तक 923 बंद पड़े सड़कों में से 300 से ज्यादा पर यातायात बहाल करने के लिए जुटे रहे।
राज्य में सोमवार को भारी बारिश से एक परिवार के चार लोगों सहित 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग मूसलाधार बारिश की वजह से भूस्खलन व संपर्क मार्गो के टूटने से फंसे रहे।
सड़क यातायात अभी भी चंडीगढ़-शिमला, चंबा-पठानकोट व चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के कई जगहों पर बाधित हैं।
एहतियाती उपाय के तौर पर राज्य में सभी स्कूल व शैक्षिक संस्थान बंद हैं।
ब्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और हनोगी मंदिर के निकट चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग 21 तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग के महानिदेशक मनमोहन सिंह ने आईएएनएस से कहा, “नवीनतम मौसम चार्ट के अनुसार, राज्य के अगले दिनों के अनुमान के तहत मध्य व निचली पहाड़ी क्षेत्रों व ऊंचाई वाली जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।”
राज्य में मंडी शहर में सबसे ज्यादा बारिश 127 मिमी, जबकि शिमला में 35 मिमी, नाहन शहर में 42.8 मिमी व सोलन शहर में 34.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि सतलुज, ब्यास व यमुना नदियों व उनकी सहायक नदियों में किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर व सिरमौर जिलों में बाढ़ की स्थिति है।
एक अधिकारी ने कहा,”हमने नदियों के किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।”
अधिकारियों ने कहा कि एहतियाती उपाय के तौर पर पंडोह डाइवर्जन बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ दिया गया है। यह पोंग बाध से 112 किमी दूर ऊपरी तरफ स्थित है।
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