उज्जैन- कोरोना की भयावहता को देखते हुए उज्जैन में क्षिप्रा नदी में पिंड दान और पूजा पर रोक लगा दी गयी है. ये रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी. हालांकि पंडे इस दौरान ऑनलाइन पूजा करवाते रहेंगे.देश भर से गया, इलाहाबाद और बनारस के बाद उज्जैन में भी पुरखों और मृतकों का पिंडदान किया जाता है. उत्तर विधान कर्म गरुड़ पुराण पिंड दान कराने बड़ी संख्या में लोग उज्जैन पहुंचते हैं. लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण फिलहाल इस पर रोक लगा दी गयी है. 12 अप्रैल से कोरोना महामारी के कारण उज्जैन में कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है. कलेक्टर आशीष सिंह के आदेश के बाद महाकाल सहित सभी मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं. घाटों पर होने वाली कर्म कांड पर भी रोक है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग यहां पिंडदान के लिए पहुंच रहे थे और पंडित पूजा करा रहे थे. फिर वो मौत चाहें कोरोना से हुई हो या फिर सामान्य मौत.
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